लॉक डाउन में बस कर्मचारियों नही मिल रहा वेतन, धरना और हड़ताल की दी चेतावनी.....
✍ ख़बर गुलशन डेस्क
नीमच। कोरोना संक्रमण के चलते लोक डाउन के आदेशों में कुछ गरीब एवं मध्यम वर्ग के परिवारों की भूख से मरने की नौबत आ गई है। उसमें प्राइवेट बस चालक व कर्मचारी भी अछूते नही रहे वह भी काफी परेशान हो रहे हैं। जिसको लेकर प्राइवेट बस चालक एवं कर्मचारीयों ने आज आर्थिक सहायता की मांग को लेकर कलेक्टर कार्यालय ज्ञापन देने पहुंचे। जहां किसी भी अधिकारी ने उनसे ज्ञापन नहीं लिया और उल्टे यह कहकर कलेक्टर कार्यालय से बाहर कर दिया कि तुम्हारी समस्या आर.टी.ओ. ही सुलझा पाएंगे। जबकि प्राइवेट बस संचालकों के कर्मचारियों का यह कहना है कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लाकडाउन के चलते आमजन से सहयोग हेतु आह्वान करते हुए यह भी कहा था कि कोई भी मालिक कर्मचारियों को बंद नही करेगा और ना ही कोई कर्मचारियों का वेतन काटेगा ना ही इन का पारश्रमिक रोकेगा। किन्तु इसके ठीक विपरीत एक माह से बसों का संचालन बंद होने की वजह से बस चालक , परिचालक व कर्मचारियों को परिवार के पालन पोषण की समस्या खड़ी हो गई है। बस संचालकों द्वारा भी हमें वेतन नहीं दिया जा रहा है। वही प्रशासन के आदेश का पालन करते हुए लॉक डाउन में मजदूरों को उनके क्षेत्र रतलाम और झाबुआ छोड़ने जाने के दौरान भी हमारे साथ विवाद और मारपीट होती है। काफी दिनों से परेशान होने के बाद भी हमारी समस्या का निराकरण ना ही प्रशासन कर रहा है ओर नहीं बस संचालक। ऐसी स्थिति में परिवार के भूखे मरने की नौबत आ गई है। बस चालक व कर्मचारियों ने जानकारी में बताया कि आज हम कलेक्टर कार्यालय आर्थिक सहायता की मांग को लेकर आए हैं। यदि 3 दिन में हमारी समस्या का निराकरण नहीं होता है तो हमारे द्वारा आंदोलन किया जाएगा। जिसमें धरना और हड़ताल हमारे द्वारा की जाएगी ।