देश मे कोरोना महामारी के बाद बेरोजगारी की महामारी होगी भयावह:- संजय मिश्रा

एक तरफ जिंदगी बचाने की चिंता, दूसरी तरफ जिंदगी चलाने की चिंता......



✍ ख़बर गुलशन डेस्क


भोपाल। कोरोना महामारी से पूरा देश अस्त व्यस्त हो गया है, हमारी अर्थव्यवस्था को पिछले 3 साल में 3 झटके लग चुके हैं। कोरोना महामारी से देश मे लगभग 15 करोड़ लोग ऐसे हैं, जिनके जीवन व आजीविका पर बहुत बड़ा संकट है।


नोटबन्दी,GST व अब् सबसे बड़ी समस्या कोरोना महामारी।।


कोरोना महामारी के बाद अब् देश में "बेरोजगारी-की-महामारी" भयावह होने वाली है, कोरोना के पश्चात देश मे भीषण बेरोजगारी बढ़ने के आसार हैं।


बेरोजगारी की इस महामारी में देश की स्थिति बहुत ही भयावह होने वाली है, करोड़ों लोग जो दिहाड़ी कार्यरत थे,या ये कहे कि ऐसे लोग जो आज कमाते थे तो कल का चूल्हा जलता था, ऐसे लाखों, करोड़ो लोगों की जीविका ओर संकट है।
इस स्थिति में कोरोना से पहले ही लोग भूँख से मरने लगेंगे, लोगो के पास खाने की व्यवस्थाये नही होंगी, पैसा नही होगा तो यही लोग पूर्णतया विवश होकर चोरी, डकैती, मार, काट, या यूं कहें कि बेरोजगारी के कारण देश मे इस तरह की आपराधिक घटनाएं तेजी से बढ़ेंगी।।


130 करोड़ आबादी वाले देश मे लगभग 30 करोड़ आबादी 15 साल से कम लोगो की है, लगभग 55 करोड़ आबादी Non-Worker व बुजुर्गों की है, इन सभी को मिलाकर लगभग 85 करोड़ की आबादी जो Non-Worker हैं या ये कहे कि जिन्हें उस वक्त पर कार्य की जरूरत नही है।
देश मे 45 करोड़ लोग ऐसे हैं जिन्हें अपनी जीविका चलाने के लिए रोजगार की आवश्यकता है.


कोरोना महामारी व लॉकडाउन का असर-


कोरोना महामारी व लॉकडाउन के कारण देश मे लाखों लोगो की जीविका पर खतरा मंडरा रहा है।
CMIE की रिपोर्ट के अनुसार सितंबर से दिसंबर के बीच देश मे बेरोजगारी दर लगभग 10 प्रतिशत थी (कोरोना महामारी के पहले)।


पहले 45 करोड़ लोगो मे लगभग 5 करोड़ लोग बेरोजगार थे,(ये वो लोग है जो काम करने के लिए इच्छुक हैं, जिन्हें अपना घर परिवार चलाने के लिए जीविका की आवश्यकता है) देश मे पिछले 45 सालों में बेरोजगारी दर सर्वाधिक है।


देश मे सबसे ज्यादा बेरोजगारी दर-


-ग्रेजुएट शिक्षित युवाओं में बेरोजगारी दर लगभग 17 प्रतिशत है, हम यह भी कह सकते हैं कि हर 6 वां शिक्षित युवा बेरोजगार है।
- शहरीय बेरोजगारी दर लगभग 11.6 प्रतिशत है।
- देश मे 20 वर्ष से 24 वर्ष के युवाओं में लगभग 41.1 प्रतिशत बेरोजगारी दर है, हम यह भी कह सकते हैं कि हर दूसरा या तीसरा युवा बेरोजगार है।
- महिलाओं में बेरोजगारी दर लगभग 26.4 प्रतिशत है, यानी हर तीसरी महिला बेरोजगार।


अब् कोरोना का असर क्या होगा.?


- देश मे 40 करोड़ लोगों में से सिर्फ 5 करोड़ लोग पक्की नौकरी वाले हैं,जिसमे से 2.5 करोड़ लोग ऐसे हैं जिनकी नौकरी पक्की है या, यूं कहें कि ये वो लोग हैं जो इस महामारी के बाद भी अपनी नौकरी जॉइन कर सकते हैं।
और बाँकी बचे 2.5 करोड़ लोग वो हैं जिनकी नौकरी तो पक्की नही हैं लेकिन एक उम्मीद है कि हो सकता हैं, शायद उनकी नौकरी वापस मिल जाये।
- देश मे लगभग 18 करोड़ लो ऐसे है जो किसान हैं या मजदूर वर्ग के हैं।
- देश मे लगभग 6 करोड़ लोग ऐसे है जो "Self-employed" हैं।


अब् बचे हुए बाँकी 11 करोड़ लोग जो दिहाड़ी को मजदूरी करते हैं ऐसे लोगो को एक तरफ "जीविका" संकट दूसरी तरफ "आजीविका" का संकट।


देश मे आगे आने वाली "बेरोजगारी" नामक इस भीषण महामारी से लड़ने के लिए ठोस कदम उठाने व सचेत रहने की शख्त आवश्यकता है।


( उपरोक्त विचार लेखक के अपने है...)